Jija Sali Shayari ( जीजा साली शायरी )

खोल कर खिड़की बैठी थी साली,
ताज़ी हवा खाने के लिए ।
हम भी हो गए सामने,
आँखों की प्यास बुझाने के लिए । 

Jija Sali Shayari ( जीजा साली शायरी )

 


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